!! मंगल ग्रह का गोचर मकर राशि में !!

मंगल ग्रह का गोचर आज दोपहर 2:40 पर मकर राशि में हो गया, ये इस राशि में 4 मई तक रहेगा

5 अप्रैल तक उत्तरा आषाढ़, सूर्य के नक्षत्र में
5 अप्रैल से 20 अप्रैल तक श्रावण, चंद्रमा के नक्षत्र में
और फिर 4 मई तक धनिष्ठा, खुद के नक्षत्र में रहेगा

सारे नक्षत्र मित्र राशि के हैं, जिसका मतलब मंगल पूर्णतः बलशाली रहेगा,
वैसे ही मकर राशि में मंगल उच्च का होता है

“मंगल की दृष्टि”: चौथी दृष्टि मेष राशि पर, सातवीं दृष्टि कर्क राशि और आठवीं दृष्टि सिंह राशि पर पड़ेगी जो सारी मित्र राशियां हैं।

पहले हम जान लें मंगल ग्रह और मकर राशि के बारे में नीचे:

“मंगल:”

मंगल ग्रह ऊर्जा, भाई, भूमि, शक्ति, साहस, पराक्रम, शौर्य का कारक होता है। मंगल ग्रह को मेष और वृश्चिक राशि का स्वामित्व प्राप्त है। यह मकर राशि में उच्च होता है,

यदि किसी जातक का मंगल अच्छा हो तो वह स्वभाव से निडर,ऊर्जावान और साहसी होगा तथा वह विजय प्राप्त करेगा। लेकिन यदि किसी जातक की जन्म कुंडली में मंगल अशुभ स्थिति में बैठा हो तो जातक को विविध क्षेत्रों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

कार्यक्षेत्र – सेना, पुलिस, प्रॉपर्टी डीलिंग, इलेक्ट्रॉनिक संबंधी, प्रौद्योगिकी, , स्पोर्ट्स आदि।

“मकर राशि:”

गुण – जिम्मेदार, अनुशासित, आत्म नियंत्रण, अच्छे प्रबंधक

जब व्यावसायिकता और पारंपरिक मूल्यों की बात आती है तो मकर पहले स्थान पर है। राशिचक्र की सबसे गंभीर राशि मकर व्यावहारिक और स्वतंत्र है जो उन्हें व्यक्तिगत और व्यापारिक दोनों स्तर पर महत्वपूर्ण प्रगति करने में सक्षम बनाते हैं।

एक पृथ्वी राशि के रूप में, मकर राशि के लिए जीवन में परिवार से अधिक महत्वपूर्ण कुछ नहीं है। शनि मकर राशि का स्वामी ग्रह है, और यह ग्रह सभी प्रकार के प्रतिबंधों का प्रतिनिधित्व करता है। शनि का प्रभाव मकर राशि में जन्मे लोगों को व्यावहारिक और जिम्मेदार बनाता है।

“राशि फल:”

मीन, मेष, सिंह और वृश्चिक राशि को मंगल के इस गोचर से अच्छा फल मिलेगा जबकि कुंभ, मिथुन, तुला को बुरा फल मिलेगा बाकी राशियों को मिश्रित परिणाम मिलने की संभावना है

मंगल, मकर राशि में अपने पूरे बल से परिणाम देगा, किंतु अलग अलग राशियों के लिए ये भिन्न रहेगा, साथ ही हर व्यक्ति के लिए अपनी अपनी कुंडली के हिसाब से अलग अलग होगा।

मंगल अपनी उच्च राशि में आ रहा है, जहां पहले से ही शनि खुद की राशि में विराजमान है। इसीलिए ये गोचर बहुत दिलचस्प होने वाला है, जहां एक ओर मंगल शनि के मिलन से प्राकृतिक विपदा और त्रासदी आने की संभावना है.. वहीं ये मिलन कोरोना वायरस के लिए किसी औषधि की खोज करने के लिए सक्षम है।