रोशनी की कमाई 💫👸💫

रोशनी आज खुश थी बहुत, और हो भी क्यों ना.. आज उसने आज अपना सारा सामान बेच जो दिया था.. सारी फूलमालाएं, वेणियां, खुले फूल.. सब कुछ, अब उसकी टोकरी खाली हो गई और कमाई में मिले पूरे 870 रुपए हाथ में

मंदिर से निकल कर वो पैदल ही चल निकली, वैसे सुबह साझा रिक्शा में आई थी| रोज लगभग 8 बज जाते निकलते निकलते, लेकिन आज 6 बजे ही निकल गई, गुरु पूर्णिमा जो थी सो बहुत लोग मंदिर दर्शन को आए..

19 बरस की रोशनी और ढेर सारी ज़िम्मेदारी उसके नाज़ुक कंधों पर, पिता का साया नहीं है और मां पिछले 7 महीनों से बीमार है, ठीक से चल भी नहीं सकती और ऊपर से छोटी बहन की पढ़ाई जो अब दसवीं क्लास में पहुंच गई!

चलते चलते वो सबसे पहले दवाई की दुकान पर पहुंची, कल ही डॉक्टर साहब ने लिखी थी, एक हफ्ते की दवाई में 520 रुपए खर्च हो गए.. घर खाने का कुछ सामान भी लेना था सो 100 रुपए वहां गए.. किताबें भी लेना है बहन के लिए पर आज वो संभव नहीं, कल फूल खरीदने के लिए भी जो पैसा बचाना है..

200 रुपए के फूल आएंगे, अब 50 रुपए बचेंगे उसके पास.. वो बहुत खुश थी, सोच रही कि अगर रोज 50 रुपए बच जाए तो वो अगले महीने तक बहन की सारी किताबें लेंगी 😚

लग रहा था जैसे उसे आज सारी खुशियां मिल गई और साथ ही रास्ता भी आगे का..

उसे कहीं से भी अपनी चिंता नहीं थी, बस इसी में खुश हो गई.. ये रोशनी सच में दूसरों को रोशनियां बांट रही..

ईश्वर जरूर इस रोशनी के लिए एक सूरज लेकर आएगा जो कभी बुझने नहीं देगा दुनिया की सबसे झिलमिल हसीन रोशनी को…

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