हिन्दू धर्म में नवरात्रि वर्ष में 4 बार आती है जिनमें से 2 नवरात्रि गुप्त मानी जाती है, बाकी दो नवरात्रि में से एक शारदीय नवरात्रि होती है जो कि माह अक्टूबर के आस पास आती है जबकि दूसरी चैत्र नवरात्रि होती है जो कल दिनांक 25 मार्च से शुरू हो रही है
“चैत्र नवरात्रि” के प्रथम दिन से नव हिन्दू वर्ष की भी शुरुआत होती है, साथ ही गुड़ी पड़वा का त्योहार देश के कई हिस्सों में जोर शोर से मनाया जाता है.. इस साल 25 मार्च से हिंदू नववर्ष विक्रम संवत 2077 का आगाज हो जाएगा, नव संवत 2077 का नाम- प्रमादी
नवरात्रि के पावन पर्व पर मां के 9 रूपों की पूजा का विधान है, वैसे से तो मां सर्वव्यापी एक ही है किन्तु उनके अनेक रूपों की पूजा की जाती है.. मां की पूर्णतः कृपा पाने के लिए आप अपनी राशि अनुसार मां के रूपों की पूजा कर सकते हैं
‘मेष राशि’: जातक मां शैलपुत्री की पूजा करें, मान सम्मान में वृद्धि होगी
‘वृषभ राशि’: मां ब्रहमचारिणी की आराधना करने से जीवन में चली आ रही परेशानियां खत्म होगी
‘मिथुन राशि’: जातकों को मां चंद्रघंटा की साधना करना शुभ लाभ देगा
‘कर्क राशि’: मां सिद्धदात्री की उपासना करना श्रेष्ठ रहेगा
‘सिंह राशि’: जातकों को मां बगलामुखी या माता पीतांबरा की पूजा करनी चाहिए
‘कन्या राशि’: माता भुवनेश्वरी या मां चंद्रघंटा की साधना शुभ फल देगी
‘तुला राशि’: माता ब्रह्मचारिणी या महागौरी की आराधना करने से यश सम्मान मिलेगा
‘वृश्चिक राशि’: जातकों को स्कंदमाता या मां भगवती की उपासना करना चाहिए
‘धनु राशि’: जातक माता सि्धिदात्री या चंद्रघंटा की पूजा करके मां की कृपा प्राप्त कर सकते हैं
‘मकर राशि’: मां कालरात्रि की आराधना करने से सुख समृद्धि की प्राप्ति होगी
‘कुंभ राशि’: जातक मां काली की पूजा करके हार कार्य में सफल हो सकते हैं
‘मीन राशि:’ माता कमला या मां चंद्रघंटा की साधना करे, मन पर वश रहेगा
“सही दिशा”: वास्तु अनुसार ईशान कोण – उत्तर पूर्व दिशा को पूजा पाठ के लिए श्रेष्ठ माना गया है, यद्यपि देवी मां का क्षेत्र दक्षिण दिशा माना गया है.. इसीलिए पूजा करते वक़्त आराधक का मुख दक्षिण या पूर्व दिशा में ही रहे
“नवरात्रि पंचक में”: नवरात्रि शुरू हो रही है, बुधवार 25 मार्च से जबकि मृत्यु पंचक शनिवार 21 मार्च को ही लग जाएगा। पूरे मन से मां की पूजा प्रतिष्ठान करने से पंचक का असर खत्म किया जा सकता है
इस नवरात्रि पर हम सब मिलकर मां भवानी से प्रार्थना करें और कोरोना रूपी दैत्य का असर कम करके उसे दूर भगा देवें, मां की आराधना से राहु केतु ग्रह का असर जरूर कम होता है… 👏👏👏
जय मां !! जय महाकाली !! जय मां दुर्गा !!
