सलोनी ने लगभग सारी शॉपिंग कर ली थी, 12 बजे से मार्केट में हैं और अब 8 बजने को है! वैसे कुछ खास अवसर नहीं था, यूहीं 2-3 दिन बाहर घूमने जाने का कार्यक्रम बना मां, पापा और भाई के साथ.. लेकिन जब बाहर निकलो तो एक के बाद एक कुछ ना कुछ लेना हो ही जाता है ☺️
दो बड़े बैग सलोनी के पास और उससे कुछ छोटे दो बैग्स उसकी सहेली कंचन के पास, कंचन हमेशा साथ होती है सलोनी को जब भी मार्केट जाना होता है.. भूख भी जोरों की लगी, शॉपिंग करते कुछ खयाल ही नहीं रहा पर अब जल्दी से घर जाना है बस! 😑
दोनों बात करते करते ग्राउंड फ्लोर पर आ गई मॉल से बाहर जाने के लिए, क्रिसमस का माहौल था सो दुकानें सजी हुई जगमग रोशनी और रंग बिरंगी सजावट से.. कंचन उबेर बुक करने में लग गई, इस बीच सलोनी दुकानों को निहार रही थी कि तभी उसकी निगाह एक छोटे से सुंदर संता पर पड़ी 😳
6 साल हो गए लेकिन लगता है जैसे कल ही की बात हो, राहुल के साथ उसने घर सजाया था बड़े अरमानों से.. एक एक छोटी सी चीज़ कितनी दुकानों में से चुनकर ली थी और सच में अनमोल कलेक्शन था, कितने ही लोगों से उसे कॉम्प्लीमेंट भी मिले थे 😍
पर उन सब चीज़ों के बीच, प्यारा सा संता🎅 सबसे अच्छा था.. उसे बहुत पसंद था और ऐसी जगह रखा था जो आते जाते कहीं से भी नजर आ जाता था 😊
राहुल अच्छा लड़का था पर उसकी कुछ आदतें पसंद नहीं थी सलोनी को, खासकर उसका सिगरेट पीना.. लेकिन जब भी सलोनी कुछ लेना चाहती तो वो हमेशा खुशी खुशी सब कुछ लेता, हालांकि सलोनी की पसंद हमेशा सस्ती और अच्छी रहती 🧐😎
राहुल दीवाना था सलोनी का और उसकी पसंद का, वो जो लेती सब यूनिक रहता 👌*प्यार बहुत था दोनों में लेकिन एक दूसरे के लिए समझ नहीं थी.. कोशिश बहुत की लेकिन बात बन नहीं पाई, एक दूसरों की उम्मीदों पर दोनों खरे नहीं उतरे 😶😐
दीदी, उबेर आ गई.. 2-3 बार बोलने के बाद भी जब सलोनी ने नहीं सुना, तो कंचन जोर से बोली.. दीदी ईई, ऐसा लगा सलोनी को जैसे किसी ने नींद से जगा दिया! क्या हुआ दीदी, कंचन ने पूछा पर सलोनी कुछ नहीं बोली.. बस चुपचाप बैठ गई एक गहरी सोच लिए दिल में, जिसका कोई जवाब नहीं किसी के पास…
😑😐😑😶😑😐
