नया सबेरा 🌻🌺🌻

जीवन से परेशान, बैचेन, वो हर पल हैरान
ना कोई उम्मीद आसरा, ना कोई अब सहारा 😔

अपनी जिंदगी से पूरी तरह हताश होकर आखिर शांति ने फैसला कर ही लिया खुद को मिटा देने का.. उम्र 32 बरस और कौन सा दुःख रहा ऐसा जो उसने नहीं देखा 🙇‍♀️

नाम शांति पर सिवाय अशांति के कुछ नहीं उसके पास, मन कभी स्थिर नहीं.. कभी खुश नहीं.. मां का साया बचपन में ही उठ गया और पिता ने उसके भविष्य बारे में कभी कुछ सोचा नहीं 😢

तंगहाली में जीवन बीत रहा, कोई पक्की नौकरी भी नहीं..
शादी हुई नहीं अब तक, प्यार में दो तीन बार धोखे मिल चुके सो अलग 😡

इस बार सोचा था कि लड़का अच्छा है, सच्चा है और जीवन भर साथ निभायेगा.. महेश के साथ पिछले 3 सालों से वो ना सिर्फ प्यार के बंधन में थी बल्कि वो दोनों जल्द ही शादी भी करने वाले थे, लेकिन अचानक से जैसे सब खत्म हो गया और आगे एक लंबा घनघोर अंधेरा 🌑

शांति निकल गई घर से आत्महत्या करने के इरादे से, ना कोई रंग जीवन में ना कोई उमंग.. उसे यहां से अपने जीने का कोई अर्थ नहीं समझ आ रहा, शायद यही अंतिम और सही फैसला है 🧏‍♀️

सोचते सोचते वो शहर के बाहर आ गई, कोई बहुत बड़ी जगह नहीं है पर हां छोटा शहर कहा जा सकता है.. वो अपनी स्कूटी लेकर निकली थी सो जल्द ही नदिया के पास आ गई, यहीं उसे आना था शहर से करीब 5 मील दूर और चूंकि रात का समय हो गया इसलिए अब बिल्कुल वीराना है 🌓✨

उसे अपना कार्य अंजाम तक पहुंचाने में कुछ दिक्कत नहीं आना चाहिए, नदी के पास ही एक छोटा सा मंदिर से जो शाम 7 बजे बंद हो जाता है जबकि अभी तो 9 बज गए.. स्कूटी उसने मंदिर के पास लगाई और नदी के ऊपर बने पुल पर आ गई, अब रास्ता साफ था पर हां थोड़ा डर जरूर लग रहा था 🧟‍♀️

नदी की गहराई कम से कम 30-40 फीट तो होगी ही, बारिश का मौसम भी अभी अभी खत्म हुआ है.. लेकिन जब दिल में इतना दर्द और जीने की कोई वजह ना हो तब डर की क्या बिसात,* उसने भगवान से प्रार्थना की और पूरा मन बना लिया नदी में कूद जाने का.. *कि तभी.. 🙋‍♂️

उसे लगा जैसे किसी ने पीछे से पकड़ा, पलट कर देखा तो एक बुजुर्ग बाबा थे.. शांति ने उनसे कहा कि छोड़ दो, मुझे मर जाने दो.. उस पर बाबा बोले कि मैं तुम्हें रोकने नहीं आया, बस जो तुम करने वाली हो वो थोड़ी देर बाद कर लेना क्योंकि मैं अकेला हूं और तुम तो घंटे दो धंटे बाद भी जान दे सकती हो 🎅

शांति को लगा कि ठीक है क्या फर्क पड़ेगा, जाते जाते किसी की मदद ही कर दूं.. यही सोचकर वो बोली ठीक है बाबा, बताओ मैं क्या कर सकती हूं आपके लिए 👩

बाबा बोले मेरा बेटा आने वाला है 1-2 घंटे में सो तब तक तुम मुझसे बात करो, यहां बहुत वीराना है घना जंगल आस पास है अगर तुम बात करोगी तो समय कट जाएगा.. शांति के हां कहने पर बाबा उसे लेकर पास ही एक नीम के पेड़ के नीचे बैठ गए 🧎‍♀️🧎‍♂️

कुछ देर इधर उधर की बातें करके शांति थोड़ी सहज हो गई थी, अब बाबा ने उसके बारे में पूछा और शांति ने अपनी सारी समस्या एक के बाद एक रख दी.. बाबा उसकी सुनते जा रहे थे और वो भी अपनी हर बात विस्तृत रूप से साझा कर रही थी 🙆‍♀️

पता ही नहीं चला कितना वक़्त बीत गया, कभी रोती बिलखती और कभी एकदम चुप.. फिर हिम्मत करती, कोई बात सोचकर बताती और फिर टूट जाती रोने लगती 🤷‍♀️

करीब 3 बजने को थी अब, शांति की आवाज़ नहीं निकल रही.. शायद सब कुछ कह चुकी, थक चुकी और वही बातें कई बार दोहरा चुकी 🤦‍♀️🙅‍♀️

ये रात का अंधेरा देख रही हो बेटी – बाबा की खामोशी अब टूटी, अंधेरा चाहे जितना गहरा हो पर सूरज की किरण उसे दूर कर ही देती है.. रात चाहे जितनी लंबी हो लेकिन सबेरा होने से कोई रोक नहीं सकता.. जिस तरह किसी देश में रातें छोटी होती हैं दिन बड़े, वैसे ही किसी की जिंदगी में अंधेरा ज्यादा होता है किसी को कम.. लेकिन प्रकृति का नियम है कि समय एक सा नहीं रहता, सुबह होना अटल सत्य है और होकर रहेगा 🧏🌞

तुम शायद अपनी जान दे चुकी होती या थोड़ी देर बाद दे दो या फिर कल, बहुत आसान है.. लेकिन एक बार जो जान दे दी उसके बाद जीवन कभी नहीं मिलेगा, तीर कमान से निकल कर वापस नहीं आता और शब्द जुबान से निकल कर.. बारिश ऊपर से नीचे होती है, फल टूटकर फिर पेड़ पर नहीं लगते 👳‍♂️💁‍♂️

ये जीवन तुम्हारा है, ये पल तुम्हारा है.. 4 बजने को है, सुबह होने से पहले अंधेरा सबसे ज्यादा होता है.. जितनी ही रात संगीन होगी, सुबह उतनी ही रंगीन होगी 🌚💥

अपनी तकदीर बदलना तुम्हारे हाथ में है, सिर्फ सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना है तुम्हें.. कुछ देर अपने आंसू और पी ले बेटी, अपने जीवन की सुबह होने तक जी ले.. सुख की कामना कर, सपने पूरे होने का इंतजार कर 🤷‍♂️🌟

हां बाबा! बस इतना ही बोल पाई शांति फिर थोड़ी देर की खामोशी.. बाबा, आपने अपने बारे में नहीं बताया, आपका बेटा नहीं आया जबकि रात पूरी होने को है 👱‍♀️🤡

बेटी! मेरा इस दुनिया में कोई नहीं, तेरा भी साथी ये गम और मेरा भी.. जितनी तकलीफ तूने झेली, उससे थोड़ी कम ज्यादा मेरे हिस्से में भी आई.. पर मैं खुश हूं, मैंने जो कुछ सीखा वो बुरे वक़्त में ही सीखा 🦹‍♂️

घंटी की तेज आवाज़ से दोनों का ध्यान टूटा, मंदिर से आवाज़ आई.. सूरज की लालिमा लिए सुबह हो चुकी थी, एक नया विश्वास नई उम्मीद नया सबेरा सामने था 💫💥🌻

शांति ने बाबा से आशीर्वाद लिया, मंदिर के दर्शन किए और अपनी स्कूटी लिए घर की तरफ रवाना हो गई.. पर ये शांति कोई और थी, अपनी सारी तकलीफों से लडने को तैयार.. अपने दुखों को अब वो ज्यादा लगन और मेहनत करके दूर करेगी.. सुखी हो चुकी थी मन से, एक नया कल उसका इंतजार कर रहा था…

💫💃💥💫💃💥💫💃💥

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