सच्चा प्रसाद 😘👏😘

इशु आज बहुत जल्दी तैयार हो गया 7 बजे ही, मंदिर जो जाना था.. यूं तो वो कम ही मंदिर जाता था पर आज शिवरात्रि थी, उसके दिल के करीब था ये पर्व.. और क्यूं ना हो जब मेला लगता है, तरह तरह के खेल खिलौने और व्रत उपवास के ढेरों पकवान 😚

सबके पैर छूकर आशीर्वाद लिया उसने और साथ ही 500 रुपयों की कमाई भी हो गई इशु की.. प्लान पहले ही बन चुका की क्या क्या खरीदना है मेले से 😇

दादाजी के साथ 8 बजे ही निकल गया, जितनी जल्दी जाएंगे तब दर्शन अच्छे से होंगे और जल्दी भी.. दुकानें तो 10 बजे के बाद ही खुलनी थी, इशु की उत्सुकता बढ़ रही अब 🤗

मंदिर में आज भीड़ ज्यादा थी, बाहर बहुत सी दुकानें थी फूल माला प्रसाद की जो सारी भक्तों से भरी हुई.. इशु ने प्रसाद, मिठाई, नारियल, दूध, माला और फूल सब ले लिए 200 रुपए में और खुशी खुशी अंदर की तरफ बढ़ गया 🚶‍♂️

मंदिर के ठीक बाहर कुछ भिखारी लोग भी बैठे थे, दादाजी ने उन सबको 10-10 रुपए दे दिए.. भिखारियों की लाइन के थोड़ा ही आगे एक छोटा लड़का और लड़की बैठे हुए थे, इशु को लगा ऐसे जैसे वो रो रहे हैं 😔

पास जाकर उसने पूछा कि क्या हुआ सो वो बोले की भूखे हैं पर उन्हें भीख नहीं मांगनी है.. इशु कुछ सोचता इससे पहले ही दादाजी नें उसे बुलाया, लंबी लाइन थी सो वो चला गया चुपचाप 😑

नंबर आया करीब आधे घंटे में दर्शन का, हाथ में पूरा सामान था पूजा का.. पुजारी ने जब सामान मांगा तो कुछ सोचकर इशु ने नहीं दिया, वो सिर्फ दर्शन करके बाहर चला आया 🧐

फिर जहां से सामान लिया था वो उसने वापस किया, उन रुपयों से खाने का सामान लेकर वो सीधे दोनों बच्चों के पास पहुंचा.. उन्हें प्यार से खाना खिलाया और फिर कुछ खिलौने उनके लिए भी खरीदे 🥳

दादाजी पहले कुछ समझ नहीं पाए, पर अब सारा माजरा समझ चुके थे और मंदमंद मुस्कुरा रहे थे.. इशु की उम्र सिर्फ 15 बरस की थी पर सोच बहुत गहरी 😎

वापस घर लौटते वक़्त इशु के मन में असीम शांति एवम् खुशी थी, उसे सच्चा प्रसाद जो मिल चुका था आज…

🥰😍😘🤩😍🥰